Love shayari Sangrah pictures मैं उलझा हूं मोहब्बत के फंसाने में ना वो दर्द है ना वो सच्चाई है आजकल के दीवानों में अब इश्क एक समझौता बन गया है कोई एहसास नहीं है लोगों ने लगा दिया कीमत अनमोल अरमानों का किसी के फीलिंग के साथ खेलने का तो ट्रेंड बन गया है
वफा के बदले वफा मिला ही नहीं स्वार्थ सिद्ध होते ही रुख उन्होंने मोड़ लिया न जिया जा रहा है न मर पा रहा हूं साथ ऐसे छोड़ दिया वह बेवफा सितम हद से ज्यादा कर चुकी है मैं टूट कर इतना बिखर गया हूं खुद को संभाल पाना मुश्किल हो गया है दौलत पर बिकाऊ आजकल मोहब्बत हो गया है