Love shayari Sangrah pictures मैं उलझा हूं मोहब्बत के फंसाने में ना वो दर्द है ना वो सच्चाई है आजकल के दीवानों में अब इश्क एक समझौता बन गया है कोई एहसास नहीं है लोगों ने लगा दिया कीमत अनमोल अरमानों का किसी के फीलिंग के साथ खेलने का तो ट्रेंड बन गया है
वो आजकल मुलाकात करने से कतराने लगी है ऐसा लगता है कहीं और गुल खिलने लगी है पूछता हूं ए बर्ताव कैसा है तो अपनी मुस्कान में कुछ राज छुपाने लगी है









































































































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