Love shayari Sangrah pictures मैं उलझा हूं मोहब्बत के फंसाने में ना वो दर्द है ना वो सच्चाई है आजकल के दीवानों में अब इश्क एक समझौता बन गया है कोई एहसास नहीं है लोगों ने लगा दिया कीमत अनमोल अरमानों का किसी के फीलिंग के साथ खेलने का तो ट्रेंड बन गया है
कहते हैं इंसान की पहचान उसकी शक्ल सूरत से नहीं बल्कि उसके किए हुए कर्मों से मिलती है इंसान को उसके किए हुए कर्मों के अनुसार ही सम्मान मिलता है अपनी सोच के मुताबिक और अपनी मेहनत के दम पर अपनी मंजिलों तक पहुंचता है
1. अभी से थक चुके हो अभी तुम्हें आसमान छूना है गिरते हैं सिर्फ वह लोग जो चढ़ने की कोशिश करते हैं खुशनसीब हो कि तुमने ऊंचाइयों पर चढ़ने की कोशिश तो की है
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