Love shayari Sangrah pictures मैं उलझा हूं मोहब्बत के फंसाने में ना वो दर्द है ना वो सच्चाई है आजकल के दीवानों में अब इश्क एक समझौता बन गया है कोई एहसास नहीं है लोगों ने लगा दिया कीमत अनमोल अरमानों का किसी के फीलिंग के साथ खेलने का तो ट्रेंड बन गया है
इश्क का नशा चढ़ने लगा है दीवानगी बढ़ने लगी है शर्माती हुई पलके मन का करार चुराने लगी है मीठी मीठी बातें किसी न किसी बहाने से हर रोज नजदीक होने लगी है
इश्क में झुकना पड़ा है उसकी हर जिद जायज थी मुझे गलतफहमियां बर्बाद कर रही थी धीरे-धीरे विश्वास होने लगा है मेरी सोच ही नाजायज थी
ऐसा लगने लगा है दूर न रह पाऊंगा तुम्हारे प्यार की लत लग गई है अकेले में जिंदगी का गुजारा संभव नहीं होगा
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