Love shayari Sangrah pictures मैं उलझा हूं मोहब्बत के फंसाने में ना वो दर्द है ना वो सच्चाई है आजकल के दीवानों में अब इश्क एक समझौता बन गया है कोई एहसास नहीं है लोगों ने लगा दिया कीमत अनमोल अरमानों का किसी के फीलिंग के साथ खेलने का तो ट्रेंड बन गया है
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गुरूर थोड़ा और बर्दाश्त कर लिया होता उसके आजमाने का वक्त पूरा कर लिया होता आज इधर उधर भटकना नहीं पड़ता जो इरादा महसूस कर लिया होता
जहां मोहब्बत की आग लगी थी अब खामोशी बिखरने लगी है क्योंकि सुना है मेरे सिवा वह किसी दूसरे से मिलने लगी है मेरी नम आंखें वादों को सोचती है आजकल शिद्दत सी चाहते अपनी खता ढूंढती है
मैने सोचा नहीं था जोर ज्यादा करेंगे जो नहीं चाहती हूं वह इरादा करेंगे
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